Dil Ki AwaazPremiumजान जाती है जब उठ के जाते हो तुम..' जान जाती है जब उठ के जाते हो तुम ' फरीदा आपा , कहाँ से लाई हो तुम आवाज़ में ऐसी तड़प20 Jun, 20152 min read49₹79Sign in to buy
Dil Ki AwaazPremiumएक मुकम्मल सी मुलाक़ात हुई थी उनसेउसे जैसे इस लम्हे में होना ही था मेरे साथ !15 Apr, 20153 min read49₹79Sign in to buy
Dil Ki Awaazहर बिछड़ना ,बिछड़ना नहीं ...वो अब शायद दोबारा कभी नहीं मिलेगी !6 Apr, 20152 min readFreeRead
Dil Ki Awaazएक सर्द ख़ामोशी....अंतहीनचारों तरफ एक बेचैन सी ख़ामोशी पसरी हुई है...!12 Mar, 20103 min readFreeRead