Pappu Pantiपप्पू महिमाये भी भला कोई बात हुई ... परीक्षा हॉल में गए ! बुद्ध जैसी गंभीर शकल बनाकर कुर्सी पर बैठ गए25 Sep, 20131 min readFreeRead
Kahaniसिर्फ और सिर्फ प्रेमकुछ लोग प्रेम रचते हैं ...प्रेम की कानी ऊँगली पकड़कर जीवन की नदी की मंझधार बीच चलते रहते हैं!2 Apr, 20132 min readFreeRead