Dil Ki Awaaz
एक सर्द ख़ामोशी....अंतहीन
चारों तरफ एक बेचैन सी ख़ामोशी पसरी हुई है...!
12 Mar, 20103 min read
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Readचारों तरफ एक बेचैन सी ख़ामोशी पसरी हुई है...!
सुबह मेहँदी महक रही थी बिस्तर पर
जब से तकदीर कुछ खफा सी है जीस्त भी मिलती है गैरों की तरह